ABVP’s 58th 3-day annual National Conference was inaugurated at Patna of Bihar

Patna December 26, 2012: Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishat ABVP’s 58th 3-day annual National Conference was inaugurated this morning at Patna of Bihar.

ABVP’S national conference inaugurated in Patna
पटना 26 दिसम्बर, 2012 : अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के 58वें राष्ट्रीय अधिवेषन का उदघाटन आज जय प्रभा ब्लड बैंक के मैदान में भारत सरकार के विदेष मंत्रालय के पूर्व सचिव मा0 जे0सी0 शर्मा ने माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया । स्वागत अध्यक्ष बाबू नवल किषोर ने स्वागत भाषण में देष भर से आये प्रतिनिधियों एवं अतिथियों का स्वागत किया ।

उदघाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 पी0 मुरली मनोहर ने बताया कि अभाविप देष ही नहीं विष्व का अनूठा छात्र संगठन है । इस अधिवेषन में अंडमान निकोवार से लेकर लेह-लíाख तथा जम्मू कष्मीर से कन्या कुमारी तक सम्पूर्ण भारत के कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं । विधार्थी परिषद छात्रों में पढ़ार्इ के साथ देषभकित की भावना जागृत करने का काम करती है । 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मा0 जे. सी. शर्मा जी ने बताया किसी भी देष की सिथति उसकी षिक्षा व्यवस्था से आंकी जाती है । भारत ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहा है । लेकिन इस ज्ञान शकित का मुख्य केन्द्र विन्दु बिहार रहा है । भारत तब तक सम्पन्न व उन्नत था जब तक भारत में ज्ञान सर्वोपरि था । हमने ज्ञान के क्षेत्र में अपना स्थान खोया है । खोये स्थान को प्राप्त करने के लिए भारत को पूनर्जीवित होकर ज्ञान के क्षेत्र में मजबूत होना पड़ेगा । बखितयार खिलजी ने जब से नालंदा विष्वविधालय में आग लगार्इ उसके बाद से ही ज्ञान शकित का ह्रास हुआ है । हम विष्व की सबसे बड़ी ज्ञान शकित थे, हमें आत्मविमोचन की आवष्यकता है । भारत को विष्व गुरू बनाने के लिए षिक्षा क्षेत्र को उन्नत बनाना होगा । इसी बिहार के नालंदा में 44 देषों के छात्र अध्ययन करते थे । आज भी भारतीय विष्वविधालयों में लगभग 30 हजार विदेषी छात्र अध्ययनरत हैं । उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के जन्म के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं । यह अत्यन्त प्रसन्नता का विषय है, स्वामी जी रूढ़ीवाद के विरोधी थे, उन्होंने सबसे ऊपर ज्ञान को रखा । आज विधार्थी परिषद अन्य छात्र संगठनों से अलग ज्ञान, शील, एकता के भाव को लेकर चल रहा है । 

परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उमेष दत्त जी ने मुख्य अतिथि जे.सी. शर्मा जी को अधिवेषन की स्मृति सदैव बनाये रखने के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किया । आभार ज्ञापन स्वागत समिति के महामंत्री डा0 संजीव चौरसिया एवं संचालन राजेष सिन्हा ने किया ।

इस अवसर पर अधिवेषन संयोजक डा0 नरेन्द्र कुमार सिंह, प्रदेष अध्यक्ष डा0 कामाख्या प्रसाद, प्रदेष मंत्री प्रवीण कुमार सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह मा0 दत्तात्रेय होसबले, बिहार के उपमुख्यमंत्री मा0 सुषील कुमार मोदी सहित पटना नगर के गणमान्य नागरिक एवं देष भर से आये हुए प्रतिनिधि उपसिथत रहे । 

इससे पूर्व आज प्रात: से प्रांतष: बैठकें सम्पन्न हुर्इ तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री द्वारा ध्वजारोहण सम्पन्न हुआ । ध्वजारोहण के पष्चात वन्देमातरम गीत हुआ । राष्ट्रीय महामंत्री उमेष दत्त ने महामंत्री प्रतिवेदन में विधार्थी परिषद की देष भर में हुर्इ आन्दोलनात्मक, रचनात्मक गतिविधियों का विस्तारपूर्वक लेखा-जोखा प्रतिनिधियों के समक्ष रखा । उन्होंने छात्र संघ चुनाव में देष भर में विजयी हुए विधार्थी परिषद के प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया जिन्होंने शैक्षिक परिसरों में अभाविप की पताका फहरायी है । देर शाम ‘आज का छात्र व हमारा कार्य विषय पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. मिलिन्द मराठे का भाषण प्रतिनिधियों के प्रबोधन हेतु हुआ । अंतिम सत्र में ‘देष की शैक्षणिक परिसिथति एवं ‘भ्रष्ट केन्द्र सरकार दिषाहीनता एवं अराजकता की राह पर दो प्रस्ताव प्रतिनिधियों के समक्ष चर्चा हेतु रखे गये । षिक्षा का प्रस्ताव राष्ट्रीय महामंत्री उमेष दत्त एवं दूसरा प्रस्ताव राष्ट्रीय मंत्री विनय विद्रे ने  रखा । 

इस अधिवेषन में मित्र राष्ट्र नेपाल के प्राज्ञिक विधार्थी परिषद के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं । वहीं पूर्वोत्तर मेें अंतर्राज्यीय छात्र जीवन दर्षन (SEIL) के तहत आये छात्र-छात्रायें भी अधिवेषन में अपनी सक्रिय सहभागिता दिखा रहे हैं । 

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