Bharat will miss visionary Poojaneey Mahant Yogi Avaidyanath ji
The real tribute to Mahant ji is to Build Bhagwan Shreeram’s Grand Temple at Ayodhya & To create a cohesive (Samaras) Bharat safe for all Hindus as ONE Says VHP

Mahant Avaidyanath

Mahant Avaidyanath

New Delhi, September 13, 2014 Poojaneey Mahant Yogi Avaidyanath ji, Head of Gorakshpur (Gorakhpur) Dharma Peeth & a long time pillar of Ram Temple movement, left this world yesterday. Paying him an emotional tribute, VHP International Working President, Dr Pravin Togadia said, “Param Poojaneey Mahant Yogi Avaidyanath ji has been an inspiration of lakhs of people like me. When not many were coming ahead to protect Hindu Dharma from various socio-political attacks, Mahant ji stood strong like a rock behind Hindus. He was the 1st President of the ‘Dharmasthaan Mukti Yagna Samiti’ established by the Dharmasamsad in Delhi in 1984. This Committee was established to free Kashi, Mathura & Ayodhya temples from the invaders’ encroachment. Mahant ji, while leading Gorakshnath Mutt to today’s glory, also stood for Samarasta (Cohesive Society) insisting & emphasizing on eradicating untouchability from Bharat. I met him many times & whenever we met, I learnt a new dimension of the aspects I knew. He had a mother’s love in his heart & a warrior’s fire in his belly. Bharat will miss him; Hindus will miss him. The real tribute to Poojaneey Mahant Yogi Avaidyanath ji would be to build Bhagwan Shreeram’s grand temple at Ayodhya at the earliest & to join in the Samarasta Movement to create a cohesive Bharat, safe for all Hindus as ONE.”

Mahant Avaidyanath 2

अब अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर एवं जहाँ सभी हिन्दू सुरक्षित हो ऐसा ‘समरस’ भारत यही 
 परम पूजनीय महंत योगी अवैद्यनाथ जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ! – विश्व हिन्दू परिषद 

 

दिल्ली , १ ३  सितम्बर , २ ० १ ४  गोरक्षपूर (गोरखपूर ) धर्म पीठ के महान गुरु प्रमुख एवं राम जन्मभूमि अभियान के बड़े आधार परम पूजनीय महंत योगी अवैद्यनाथ जी अब इस विश्व से देह त्याग चले गए।  पू. महंत जी को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए विश्व हिन्दू परिषद के आंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया जी ने कहा, “देश विदेश में हमारे जैसे अनेक लोगों के, जो कठीन धर्मपथ पर निष्ठा से चल रहे हैं, उन की असीम प्रेरणा बने रहें परम पूजनीय महंत योगी अवैद्यनाथ जी। जब सामाजिक – राजनैतिक हमलों के कारण  कई लोग आगे आने से कतराते थे, तब पू. महंत जी आगे आएँ ! दिल्ली में १ ९ ८ ४ की धर्म संसद में ‘धर्मस्थान मुक्ति यज्ञ समिति ‘ बनी – इस समिति के अध्यक्ष पू. महंत योगी अवैद्यनाथ जी थे।  काशी , मथुरा एवं अयोध्या के मंदिर आक्रामकों के कब्जे से मुक्त करने हेतु यह समिति बनी थी। गोरक्षनाथ मठ जो आज बलशाली ,  हिन्दू श्रद्धा का स्थान बना है, उस के पीछे पू. महंत जी की हिन्दू धर्म के प्रति अटूट प्रतिबद्धता एवं क्रियाशीलता हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ जी जैसे समर्थ, हिन्दू योद्धा संत तैयार किये। पू. महंत जी भारत में सभी जातियों में एकता लाने में, समरसता में और छुआछूत हटाने में लगातार कार्य करते रहें। सभी हिन्दू एक होकर हिन्दुओं के लिए समर्थ एवं सुरक्षित भारत बनें यह उन का ध्येय था।

मैं पू. महंत जी से अनेकों बार मिला और अभी अभी भी मिला था। जब जब मिलें, तब तब पू. महंत जी  से कोई ना कोई नया ज्ञान प्राप्त हुआ ! उन के ह्रदय में माँ का प्रेम था और उन के  मन में हिन्दू योद्धा की आग थी ! पू. महंत जी के चले जाने से आज भारत ने एक ‘समरस हिन्दू योद्धा ‘ खोया है । अब पू. महंत जी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि अयोध्या में  भगवान श्रीराम जी का भव्य मंदिर शीघ्र बनें एवं भारत के हिन्दू जाती भूलकर एक होकर समरस हिन्दू के नाते समर्थ भारत बनाएं जहाँ हिन्दू सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान को कोई ठेंस ना पहुँचा पाएँ। “