Rohtak, Haryana March 29: RSS Sarasanghachalak Mohan Bhagwat congratulated Olympic Medalist, wrestler Yogeshwar Dutt at the valedictory ceremony of TARUNODAY SHIVIR at Rohtak in Haryana. RSS Sarasanghachalak also congratulated Paramjit Yada (National medalist in Wrestling), Vijay Pal (who trains several village talents in wrestling for free of cost) during the ceremony.

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रोहतक . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन जी भागवत ने कहा कि भारत प्राचीन काल से दुनिया का सिरमौर रहा है. कुछ कालचक्र घटनाओं को छोड़ दें तो भारत ने हर क्षेत्र में पहल करते हुए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. भारत पुन: दुनिया का सिरमौर बने, इसके लिए युवाओं को भारत की आत्मा को पहचान कर देश के विकास में अपनी भूमिका निर्धारित करनी होगी. वह संघ के हरियाणा प्रांत के तरुणोदय शिविर के समापन अवसर पर स्वयंसेवकों और अन्य उपस्थित बंधुओं को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने स्वयंसेवकों व देश की युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे देशहित में अपने कार्यों का निर्धारण करते हुए भविष्य की योजनाएं बनाएं. उन्होंने भारतीय समाज को झकझोरते हुए कहा कि भारत की उन्नति तब तक संभव नहीं है, जब तक भारत का प्रत्येक व्यक्ति भारत की सभ्यता, संस्कृति व समन्वय की परंपरा पर नहीं चलेगा. आपसी सभी प्रकार के भेदभावों को मिटाकर हमें अपने राष्ट्र के लिए कार्य करना है. यह भाव देश के जनमानस में पैदा हो और समाज के मूल्यों व गौरवशाली अतीत के प्रति गर्व महसूस करना शुरू करेगा, उस दिन से भारत पुन: अपने यशस्वी स्थान को प्राप्त करेगा.

संघ अपने विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा राष्ट्रहित में सोचने का भाव जगाने का कार्य करता है. कार्यकर्ताओं के लिए ऐसे वातावरण का निर्माण करता है कि उसकी राष्ट्र के प्रति समर्पित सोच बने. ऐसी सज्जन शक्ति का समाज में स्थान बढ़े और उसका दायरा बढ़े, हमें इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि संघ केवल पुरुषों में ही काम नहीं करता, अपितु बहनों में राष्ट्र के प्रति भाव जगे, उसके लिए राष्ट्र सेविका समिति कार्य कर रही है. उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि राष्ट्र के उत्थान के लिए संघ कार्य बढ़े, यह जिम्मेदारी स्वयंसेवकों के कंधों पर है.

योगेश्वर दत्त को किया सम्मानित

सरसंघचालक डॉ मोहनराव भागवत ने इस अवसर पर ओलंपिक पदक पहलवान योगेश्वर दत्त को गदा देकर सम्मानित किया. इसके अलावा उन्होंने पहलवान परमजीत यादव (राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक) और विजयपाल (गांव-गांव में कुश्ती का निशुल्क प्रशिक्षण देने वाले) को भी सम्मानित किया. पहलवान विजयपाल ने अपना जीवन कुश्ती के लिए समर्पित कर रखा है. डॉ भागवत ने कहा कि योगेश्वर दत्त जैसा मुकाम पाने के लिए बहुत ही कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. कड़ी मेहनत के बल पर भी देश का नाम ऊंचा किया जा सकता है.

देश का सम्मान बढऩे से मिलती खुशी : योगेश्वर

योगेश्वर दत्त ने कहा कि जब हमारे कारण देश का मान-सम्मान बढ़ता है तो उस खुशी का ठिकाना नहीं होता. अगर हमारे काम से देश को फायदा होता है तो यह किसी भी देशभक्क्त नागरिक के लिए गर्व की बात होती है, चाहे खेल हो या अन्य क्षेत्र.

इस अवसर पर संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख अरुण कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, अशोक बेरी, महावीर, विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, क्षेत्र संघचालक डॉ. बजरंग लाल गुप्त, प्रांत संघचालक मेजर करतार सिंह, शिविर अधिकारी राजेंद्र अनायथ, महंत चांदनाथ आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.