Latur Maharashtra June 27, 2016: RSS Sarasanghachalak Mohan Bhagwat appreciated the successful project #JalayuktLatur, a unique water conservation initiative at Latur by which Latur citizens could withstand issues of water crisis during extreme hot summer.

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लातूर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में हाथ पार हाथ धरे न बैठकर पूरे धैर्य एवं साहस के साथ जनभागीदारी का एक अद्वितीय उदाहरण लातूर वासियों ने निर्माण किया है. उन्होंने शुभकामना दी कि यह प्रयास देश का दिशादर्शक बने तथा जलयुक्त लातूर के कार्य की सराहना की. सार्वजनिक जल युक्त लातूर व्यवस्थापन समिति की ओर से संचालित जनभगीदारिता से मांजरा नदी का पुनरुजीवन कार्य ब अंतिम चरण में है. नागेश्वर मंदिर के प्रांगण में जलपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ.

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कार्यक्रम के मंच पर लातूर जलयुक्त समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोकराव जी कुकडे काका उपस्थित थे. मांजरा नदी पर साई से नागझरी यह 15 km का काम जनभागीदारीता से संपन्न हुआ है. सरसंघचालक जी सूखे की समस्या से निपटने के लिए लातूर वासियों के प्रयास और उदाहरण की प्रशंसा करने के लिए यहां आए थे. वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलपूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ. गंगा माता की जय, भारत माता की जय का उद्घोष हुआ.

जलयुक्त लातूर के लक्ष्य को लेकर अनूपम कार्य की सराहाना करते हुए सरसंघचालक जी ने डॉ. कुकडे काका के कार्य का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि समाज में अलग अलग विचार मतभेद रह सकते हैं. परंतु समाज समझ बूझकर जब विचार करते हैं, तब सब छोड़कर हम सब एक विचार से चले हैं. लातूर में ये हुआ है और ऐसा ही समाज संघ को अपेक्षित है. लातूर में जलसमस्या जब गंभीर बनी, तब लातूर वासियों ने परिस्थिति से पलायन न करते हुए “एकमेका साह्य करू अवघे धरू सुपंथ” इस उक्ति के अनुसार सभी ने मिलजुलकर कार्य किया, ऐसा ही कार्य देश का दिशादर्शक बनेगा.

डॉ. अशोकराव कुकडे काका ने जलयुक्त लातूर व्यस्थापन समिति के सभी 11 सदस्यों का परिचय कराया. अपने प्रास्ताविक में लातूर के इस कार्य की विस्तृत जानकारी दी. लातूर पाणी बानी ने सभी को एकत्र किया, जनभागीदारी से ही यह कार्य संपन्न हुआ. जनता की, जनता द्वारा, जनता के लिये चलाई गई यह मुहिम है. आर्ट ऑफ लिविंग के मकरंद जाधव और निलेशजी ठक्कर ने लातूर के इस प्रकल्प की उपलब्धि की जानकारी दी. कार्यक्रम का संचालन जोगेंद्र सिंह बिसेन ने किया, सुनील जी देशपांडे ने आभार व्यक्त किया. अरुणजी डंके के शांति मंत्र पठन पश्चात कार्यक्रम संपन्न हुआ.