New Delhi: RSS Sarakaryavah Suresh Bhaiyyaji Joshi inaugurated Cornea Andhatv Mukt Bharat Abhiyan (CAMBA), a new initiative by RSS inspired NGO for Blinds, SAKSHAMA on Saturday  at New Delhi. The event was held as a part of commemoration of 110th Birth Anniversary of Guruji Golwaklar, who was the second Sarasanghachalak of RSS.

Union Minister Dr JP Nadda, Delhi Pranth Sanghachalak Kulbhushan Ahuja, other prominent functionaries attended the event.

Sakshamm

नई दिल्ली. परम पूज्य श्री गुरूजी की जयंती के उपलक्ष्य में समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) के तत्वाधान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी द्वारा “कॉर्नियल अन्धता मुक्त भारत अभियान” (CAMBA) का शुभारंभ न्यू स्पीकर हॉल, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में किया गया. भय्या जी जोशी ने सक्षम के मानवीय अभियान CAMBA की शुरुआत करने के बाद कहा कि सक्षम ने बहुत बड़ा संकल्प लिया है. सक्षम ही संकल्प पूरा करने की क्षमता रखने वाला एक मात्र संगठन है. सक्षम नाम ही संकल्प पूरा करने वाला है. सक्षम अपने आप में ताकत है, जो सभी शक्तियों का समन्वय कर अपने साथ में लेकर चलता है. सक्षम अपने साथ सभी कार्यों को भी सुचारू रूप से लेकर चलता है. उन्होंने कहा कि साथ में और भी चलने वाले जुड़ें, सक्षम का यह प्रयास नित्य रहे. क्योंकि, इस प्रकार से सक्षम को आवश्यकता भी है. आगे याद करते हुए गर्व से ओत-प्रोत होकर भय्या जी ने कहा कि आज एक शुभ मुहूर्त भी है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य श्री गुरुजी की आज हिन्दू पंचांग के अनुसार जन्म तिथि भी है.

Bhaiyyaaji-March-5-2016

उन्होंने कहा कि जब इस क्षेत्र में नागपुर में कार्य की शुरूआत हुई थी. तो सबसे पहला नेत्र बैंक जो बना था, उसका नाम माधव नेत्र बैंक था. कहते हैं न जब समाज सोच लेता है और जब वह सोच समाज का संकल्प बन जाता है. तो क्या होता है, मालूम है ? वह मानवीय सेवा बन जाता है. तो स्वाभाविक है कि वो मानवीय सेवा अच्छा ही होगा. मैं समझता हूं कि इस देश के अंदर अपार प्रकार की क्षमता विद्यमान है. बस, उसे हमें पहचानने और सही दिशा देने की आवश्यकता है. क्योंकि जब सही दिशा मिल जाएगी, तो मंजिल भी प्राप्त हो जाती है. एक बात ध्यान रहे, जब मन शक्ति बन जाए, तो उसे कोई ताकत आगे बढ़ने से नहीं रोक पाता है. सक्षम समाज में जिस प्रकार के विषय को लेकर आगे चल रहा है वो अपने आप में एक क्षमता है. क्या इससे भी बड़ी कोई मानवीय सेवा हो सकती है कि एक इन्सान को उसकी जिन्दगी में वो रोशनी दे देना, जिससे वो समस्त समाज को देख सके ?.

सरकार्यवाह जी ने कहा कि इस अभियान में न तो वैज्ञानिक निर्मित कृत्रिम वस्तुएं माध्यम हैं और न ही भौतिक साधन माध्यम है. यह एक अद्भुत मिसाल विश्व के सामने पेश होने वाली है कि जब मनुष्य ही इस अभियान (CAMBA) का माध्यम बनने वाला है. तो क्यों न इसे संकल्पित होकर और आगे बढ़ाया जाए. यह हम मनुष्य के हाथ में है कि हम मानव इस मानवीय अभियान को कितना सफल बना सकते हैं ? इस संकल्प का कोई आधार है तो वो इस देश का सामान्य व्यक्ति है. दान और डोनेशन में भी अंतर है. हमें डोनेशन नहीं, हम मनुष्य को अपने ही मानव समाज के लिए दान करना है, सेवा और समर्पण के भाव से. सेवा और समर्पण से सुसज्जित श्रेष्ठ परम्पराओं को जीने वाली धरती का सबसे प्यारा देश भारत है. दान का महत्त्व व्यक्ति की भावना से होता है. भावना श्रेष्ठ है तो वह दान भी श्रेष्ठ होता है.

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अन्नदान का महत्त्व है. पर, अन्न दान का दायरा कितना है ? मैं इसे काट नहीं रहा हूं, मैं अन्न दान के महत्व की बात कर रहा हूं. अन्न दान एक समय की भूख मिटा सकता है, उसी प्रकार ज्ञान दान एक व्यक्ति को दिशा देने वाला दान होता है और अंग दान कई व्यक्तियों के जीवन में खुशियां भरने वाला होता है. कहते हैं न – “जीते-जीते रक्त दान और जाते-जाते अंग दान.” तो हमें अपने आप को जागरूक बनाना है. जब हम खुद जागरुक हो जाएंगे. तो समाज में भी जागरूकता ला देंगे. दान से एक आत्म भाव जागृत होता है कि मेरे पास भी कुछ है, जिसे हम समाज को कुछ दे सकते हैं.

नेत्र दान के क्षेत्र में जागृति अति-आवश्यक है. क्योंकि, यही एक मात्र मार्ग है अंधत्व से मुक्ति का. जिससे एक व्यक्ति को वो सुख, सौभाग्य और पुण्य मिलता है. जो उसे इस दुनिया की किसी भी सांसारिक, भौतिक एवं कृत्रिम वस्तु से प्राप्त नहीं हो सकता. इससे दान प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी सुख और सौभाग्य प्राप्ति होती है, जो उसके साथ आजीवन रहता है.

इस मौके पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि सक्षम ने शुभ दिन पर शुभ कार्य “कॉर्नियल अन्धता मुक्त भारत अभियान” (CAMBA) की शुरूआत की है. उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए खुशी का विषय है कि NGO की तरह कार्य करते हुए सक्षम ने अंधत्व के क्षेत्र में अपना अभूत्वपूर्व नाम किया है. जब हम सक्षम की बात करते है तो पाते हैं कि इसने धरती से जुड़ा हुआ प्रयास किया है. जो सक्षम की इच्छा-शक्ति एवं दृढ़ता को दर्शाता है. यही सक्षम का बैकबोन भी है. उन्होंने मौजूदा सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की पहल को बताया कि देश के सभी राज्यों के सभी जिलों में से उन 184 जिलों को उठाया है जो स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से कमजोर थे. हमने उसे फंडिंग के साथ और स्पेशल 30% फंडिंग की सहायता दी है, ताकि उस जिले के भी सभी वासी स्वस्थ हो जाएं